• Pitra Dosh Nivaran Puja (पितृदोष पितृशांति)

Pitra Dosh Nivaran Puja (पितृदोष पितृशांति)

  • Rs. 10,000

hi, this is a test.

हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यतानुसार अगर किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण ना किया जाए तो उसे इस लोक से मुक्ति नहीं मिलती और वह भूत के रूप में इस संसार में ही रह जाता है। 

पितृ पक्ष का महत्त्व (Importance of Pitru Paksha)
ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार देवताओं को प्रसन्न करने से पहले मनुष्य को अपने पितरों यानि पूर्वजों को प्रसन्न करना चाहिए। हिन्दू ज्योतिष के अनुसार भी पितृ दोष को सबसे जटिल कुंडली दोषों में से एक माना जाता है। पितरों की शांति के लिए हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक के काल को पितृ पक्ष श्राद्ध होते हैं। मान्यता है कि इस दौरान कुछ समय के लिए यमराज पितरों को आजाद कर देते हैं ताकि वह अपने परिजनों से श्राद्ध ग्रहण कर सकें।  

पितृ पक्ष श्राद्ध 2015 (Pitru Paksha 2015 Dates) - वर्ष 2015 में पितृ पक्ष श्राद्ध की तिथियां निम्न हैं: 

तिथि

दिन

श्राद्ध तिथियाँ

27 सितंबर

रविवार

पूर्णिमा श्राद्ध

28 सितंबर

सोमवार

प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध

29 सितंबर

मंगलवार

द्वितीया तिथि का श्राद्ध

30 सितंबर

बुधवार

तृतीया तिथि का श्राद्ध

1 अक्तूबर

बृहस्पतिवार

चतुर्थी तिथि का श्राद्ध

2 अक्तूबर

शुक्रवार

पंचमी तिथि का श्राद्ध

3 अक्तूबर

शनिवार

षष्ठी तिथि का श्राद्ध

4 अक्तूबर

रविवार

सप्तमी तिथि का श्राद्ध

5 अक्तूबर

सोमवार

अष्टमी तिथि का श्राद्ध

6 अक्तूबर

मंगलवार

नवमी तिथि का श्राद्ध

7 अक्तूबर

बुधवार

दशमी तिथि का श्राद्ध

8 अक्तूबर

बृहस्पतिवार

एकादशी तिथि का श्राद्ध

9 अक्तूबर

शुक्रवार

द्वादशी व संन्यासियों का श्राद्ध

10 अक्तूबर

शनिवार

त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध

11 अक्तूबर

रविवार

चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध

12 अक्तूबर

सोमवार

अमावस्या व सर्वपितृ श्राद्ध

Write a review

Please login or register to review

Tags: Pitra Dosh Nivaran Puja